News Details
बंदियों ने बहनों को भेंट किए आंवला के पौधे, जेल प्रबंधन ने किए विशेष इंतजाम
प्रवीण कुमार जैन दमोह।
हटा उप-जेल में रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी भाइयों की बहनों को राखी बांधने के लिए जेल प्रबंधन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। बड़ी संख्या में बहनें उप-जेल पहुंचीं और अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर उप-जेल अधीक्षक नागेन्द्र सिंह की पहल पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठा नवाचार भी किया गया। बंदी भाइयों की ओर से उनकी बहनों को उपहार स्वरूप आंवला के पौधे भेंट किए गए। इस पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के पवित्र पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है।
बंदियों द्वारा बहनों को दिए गए आंवला के पौधों को बहनें अपने घर या उपयुक्त स्थान पर रोपित करेंगी और उसकी देखभाल करेंगी। इस तरह भाई-बहन के प्रेम और रिश्ते की याद के साथ यह पौधा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा।
जेल प्रबंधन की इस पहल को रक्षाबंधन पर्व पर किए गए सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पर्व के दौरान जेल परिसर में भाई-बहन के स्नेह और भावनाओं का विशेष माहौल देखने को मिला।
हटा उप-जेल में रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी भाइयों की बहनों को राखी बांधने के लिए जेल प्रबंधन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। बड़ी संख्या में बहनें उप-जेल पहुंचीं और अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर उप-जेल अधीक्षक नागेन्द्र सिंह की पहल पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठा नवाचार भी किया गया। बंदी भाइयों की ओर से उनकी बहनों को उपहार स्वरूप आंवला के पौधे भेंट किए गए। इस पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के पवित्र पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है।
बंदियों द्वारा बहनों को दिए गए आंवला के पौधों को बहनें अपने घर या उपयुक्त स्थान पर रोपित करेंगी और उसकी देखभाल करेंगी। इस तरह भाई-बहन के प्रेम और रिश्ते की याद के साथ यह पौधा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा।
जेल प्रबंधन की इस पहल को रक्षाबंधन पर्व पर किए गए सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पर्व के दौरान जेल परिसर में भाई-बहन के स्नेह और भावनाओं का विशेष माहौल देखने को मिला।
×